Monday, 9 January 2017

भाई राजीव दीक्षित जी द्वारा बताया गया पेट की सभी बिमारियों का अचूक आयुर्वेदिक इलाज


भाई राजीव दीक्षित जी द्वारा बताया गया पेट की सभी बिमारियों का अचूक आयुर्वेदिक इलाज ######################## 
राजीव भाई कहते है अगर आपकी पेट ख़राब है दस्त हो गया है , बार बार आपको टॉयलेट जाना पड़ रहा है तो इसकी सबसे अछि दावा है जीरा | अध चम्मच जीरा चबाके खा लो पीछे से गुनगुना पानी पी लो तो दस्त एकदम बंध हो जाते है एक ही खुराख में | अगर बहुत जादा दस्त हो … हर दो मिनिट में आपको टॉयलेट जाना पड़ रहा है तो आधा कप कच्चा दूध ले लो बिना गरम किया हुआ और उसमे निम्बू डालके जल्दी से पी लो | दूध फटने से पहले पीना है और बस एक ही खुराक लेना है बस इतने में ही खतरनाक दस्त ठीक हो जाते है | और एक अछि दावा है ये जो बेल पत्र के पेड़ पर जो फल होते है उसका गुदा चबाके खा लो पीछे से थोडा पानी पी लो ये भी दस्त ठीक कर देता है | बेल का पाउडर मिलता है बाज़ार में उसका एक चम्मच गुनगुना पानी के साथ पी लो ये भी दस्त ठीक कर देता है | पेट अगर आपका साफ़ नही रहता कब्जियत रहती है तो इसकी सबसे अछि दावा है अजवाईन | इसको गुड में मिलाके चबाके खाओ और पीछे से गरम पानी पी लो तो पेट तुरंत साफ़ होता है , रात को खा के सो जाओ सुबह उठते ही पेट साफ होगा | और एक अछि दावा है पेट साफ करने की वो है त्रिफला चूर्ण , रात को सोते समय एक चम्मच त्रिफला चूर्ण ले लो पानी के साथ पेट साफ हो जायेगा | पेट जुडी दो तिन ख़राब बिमारिय है जैसे बवासीर, पाईल्स, हेमोरोइड्स, फिसचुला, फिसर .. ये सब बिमारिओ में अछि दावा है मुली का रस | एक कप मुली का रस पियो खाना खाने के बाद दोपहर को या सबेरे पर शाम को मत पीना तो हर तरेह का बवासीर ठीक हो जाता है , भगंदर ठीक होता है फिसचुला, फिसर ठीक होता है .. अनार का रस पियो तो भी ठीक हो जाता है | श्री राजीव दीक्षित जी राजेंद्र अग्रवाल

बहुत ही चमत्कारी दवा

बहुत ही चमत्कारी दवा: 
250 ग्राम मैथीदाना 100 ग्राम अजवाईन 50 ग्राम काली जीरी (ज्यादा जानकारी के लिए नीचे देखे) उपरोक्त तीनो चीजों को साफ-सुथरा करके हल्का-हल्का सेंकना(ज्यादा सेंकना नहीं) तीनों को अच्छी तरह मिक्स करके मिक्सर में पावडर बनाकर कांच की शीशी या बरनी में भर लेवें । रात्रि को सोते समय एक चम्मच पावडर एक गिलास पूरा कुन-कुना पानी के साथ लेना है। गरम पानी के साथ ही लेना अत्यंत आवश्यक है लेने के बाद कुछ भी खाना पीना नहीं है। यह चूर्ण सभी उम्र के व्यक्ति ले सकतें है। चूर्ण रोज-रोज लेने से शरीर के कोने-कोने में जमा पडी गंदगी(कचरा) मल और पेशाब द्वारा बाहर निकल जाएगी । पूरा फायदा तो 80-90 दिन में महसूस करेगें, जब फालतू चरबी गल जाएगी, नया शुद्ध खून का संचार होगा । चमड़ी की झुर्रियाॅ अपने आप दूर हो जाएगी। शरीर तेजस्वी, स्फूर्तिवाला व सुंदर बन जायेगा । ‘‘फायदे’’ 1. गठिया दूर होगा और गठिया जैसा जिद्दी रोग दूर हो जायेगा । 2. हड्डियाँ मजबूत होगी । 3. आॅख का तेज बढ़ेगा । 4. बालों का विकास होगा। 5. पुरानी कब्जियत से हमेशा के लिए मुक्ति। 6. शरीर में खुन दौड़ने लगेगा । 7. कफ से मुक्ति । 8. हृदय की कार्य क्षमता बढ़ेगी । 9. थकान नहीं रहेगी, घोड़े की तहर दौड़ते जाएगें। 10. स्मरण शक्ति बढ़ेगी । 11. स्त्री का शारीर शादी के बाद बेडोल की जगह सुंदर बनेगा । 12. कान का बहरापन दूर होगा । 13. भूतकाल में जो एलाॅपेथी दवा का साईड इफेक्ट से मुक्त होगें। 14. खून में सफाई और शुद्धता बढ़ेगी । 15. शरीर की सभी खून की नलिकाएॅ शुद्ध हो जाएगी । 16. दांत मजबूत बनेगा, इनेमल जींवत रहेगा । 17. नपुसंकता दूर होगी। 18. डायबिटिज काबू में रहेगी, डायबिटीज की जो दवा लेते है वह चालू रखना है। इस चूर्ण का असर दो माह लेने के बाद से दिखने लगेगा । जिंदगी निरोग,आनंददायक, चिंता रहित स्फूर्ति दायक और आयुष्ययवर्धक बनेगी । जीवन जीने योग्य बनेगा । कुछ लोग कलौंजी को काली जीरी समझ रहे है जो कि गल्त है काली जीरी अलग होती है जो आपको पंसारी/करियाणा की दुकान से मिल जाएगी जिसके नाम इस तरह से है हिन्दी कालीजीरी, करजीरा। संस्कृत अरण्यजीरक, कटुजीरक, बृहस्पाती। मराठी कडूकारेलें, कडूजीरें। गुजराती कडबुंजीरू, कालीजीरी। बंगाली बनजीरा। अंग्रेजी पर्पल फ्लीबेन।